निघासन में गरजे किसान: 7 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनियन का जोरदार धरना-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
लखीमपुर-खीरी / निघासन, 10 अक्टूबर 2026

निघासन में गरजे किसान: 7 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनियन का जोरदार धरना-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
लखीमपुर-खीरी / निघासन, 10 अक्टूबर 2026
भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) ने आज तहसील निघासन में किसानों की 7 सूत्रीय जनहित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष *एडवोकेट हाईकोर्ट लखनऊ श्री एस.के. सिंघानिया* के नेतृत्व में सैकड़ों किसान-मजदूर क्षेत्राधिकारी कार्यालय, निघासन पर एकत्रित हुए और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
धरना-प्रदर्शन में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रमाकांत दीक्षित, प्रदेश संगठन मंत्री श्री नंदकिशोर आर्य, लखनऊ मंडल प्रभारी श्री युगल किशोर, जिला अध्यक्ष अमर सिंह तोमर सहित हजारों किसान मौजूद रहे।
*राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.के. सिंघानिया ने कहा -* “निघासन का किसान सबसे ज्यादा पीड़ित है। शारदा नदी की बाढ़ ने फसलें तबाह कर दीं, सर्वे के नाम पर खानापूर्ति हुई। गन्ना किसान बकाया भुगतान के लिए दर-दर भटक रहा है। आवारा पशु 10 हजार से ज्यादा खुले में घूमकर रोज सैकड़ों एकड़ फसल रौंद रहे हैं और प्रशासन सो रहा है। जब तक 7 मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा।”
*मुख्य 7 मांगें इस प्रकार हैं -*
*1. बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा -* शारदा नदी की बाढ़ से तबाह फसलों का निष्पक्ष पुनः सर्वे कराकर शत-प्रतिशत मुआवजा दिया जाए।
*2. गन्ना मूल्य ₹600 -* गन्ने का बकाया भुगतान ब्याज सहित तत्काल हो और मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
*3. पचपेड़ी घाट पर पक्का पुल -* जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हजारों ग्रामीणों के लिए पचपेड़ी घाट पर पक्का पुल बनाया जाए।
*4. पोस्टमार्टम हाउस चालू हो -* निघासन में बनी-बनाई बिल्डिंग में स्टाफ तैनात कर पोस्टमार्टम हाउस तत्काल शुरू किया जाए, ताकि शव को 70 किमी खीरी न ले जाना पड़े।
*5. पीएम आवास व सड़क -* अपात्रों की जगह पात्र गरीबों को आवास मिले और जर्जर सड़कों की मरम्मत हो।
*6. साथी शिवपूजन राज को न्याय -* थाना पढ़ुआ मुकदमा संख्या 502/2026 (सियाराम हीरो एजेंसी, ढकेरवा) में CCTV फुटेज मिटाने के मामले में DVR सील कर FSL जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी हो।
*7. आवारा पशुओं से निजात -* 10 हजार से अधिक आवारा गोवंश से फसल सुरक्षा के लिए गौशालाओं का भौतिक सत्यापन, फसल नुकसान का मुआवजा और किसानों को तारबंदी/फेंसिंग योजना का लाभ दिया जाए।
अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि 15 दिनों में मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो संगठन जनपद स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगा।



