नाबालिग लड़की को नेपाल ले जाते समय एसएसबी और पुलिस ने रोका परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू
भारत नेपाल सीमा बॉर्डर एसएसबी की मुस्तदी से मिली सफलता

नाबालिग लड़की को नेपाल ले जाते समय एसएसबी और पुलिस ने रोका, परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू
पलिया, खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गौरीफंटा चेक पोस्ट पर एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक नाबालिग भारतीय लड़की को एक नेपाली युवक के साथ नेपाल जाते समय रोक लिया। पूछताछ में पता चला कि लड़की अपने परिजनों को बिना बताए घर से निकली थी और उसके लापता होने की रिपोर्ट पहले ही कर्नाटक में दर्ज कराई जा चुकी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 जून 2026 को 39वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), पलिया की सीमा चौकी गौरीफंटा द्वारा संचालित चेक पोस्ट पर पुलिस थाना गौरीफंटा के साथ संयुक्त जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान संदेह के आधार पर एक नाबालिग भारतीय लड़की स्वप्ना एस. (14 वर्ष) निवासी होसकोटे, बेंगलुरु (कर्नाटक) को एक नेपाली युवक कमल पाण्डेय (23 वर्ष) निवासी महेन्द्रनगर, जिला कंचनपुर (नेपाल) के साथ भारत से नेपाल जाते समय रोका गया।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह होसकोटे स्थित एक होटल में कार्य करता है। वहीं नाबालिग लड़की ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ होसकोटे में रहती है और बिना किसी को बताए युवक के साथ नेपाल जा रही थी।
एसएसबी द्वारा फोन पर लड़की के परिजनों से संपर्क किया गया। लड़की के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री सरकारी बालिका विद्यालय में पढ़ती है और 8 जून 2026 को कक्षा 9 में प्रवेश के लिए स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने थाना होसकोटे, बेंगलुरु में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
लड़की के पिता ने एसएसबी से अनुरोध किया कि उनके पहुंचने तक बेटी को सुरक्षित रखा जाए। इसके बाद आवश्यक कानूनी एवं कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए नाबालिग लड़की और युवक को अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना गौरीफंटा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।



