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केला उत्पादकों को बर्बाद करने में जुटे लाइसेंस विहीन केला दलाल  

संजीव श्रीवास्तव पत्रकार 

केला उत्पादकों को बर्बाद करने में जुटे लाइसेंस विहीन केला दलाल

संजीव श्रीवास्तव पत्रकार

निघासन – खीरी । स्थानीय तहसील क्षेत्र में गन्ने की तर्ज पर केले की खेती भी जोर पकड़ रही है लेकिन बिना लाइसेंस धारक केला दलाल केले की खेती करने वाले किसानों को बर्बाद करने पर तुले हैं । बताया जाता है कि निघासन तहसील में लाइसेंस विहीन केला दलाल 6 और 7 रुपए प्रति किलो में कच्चा केला खरीद रहे हैं जबकि जिन व्यक्तियों के पास लाइसेंस है उन्हें केला नहीं खरीदने दिया जा रहा है गौरतलब है कि बाहर केले की मंडी में केले का भाव ढाई हजार से 3000 प्रति कुंतल है ।

केले की खेती आसान नहीं है जंगली जानवरों और चोरों से भी बचाना पड़ता है । केला उत्पादक किसान कमलेश यादव , रोहित यादव , ग्राम बैलहा निवासी योगेंद्र सिंह भदौरिया , करन सिंह भदौरिया , विक्रम मौर्य , आशीष कुमार गुप्ता , सुमित यादव , राजेश शुक्ला , सरदार लखविंदर सिंह , अमिरिका प्रसाद मौर्य तथा भाजपा कार्यकर्ता दीपक शुक्ला ने बताया की केले की प्रति बीघा लागत लगभग ₹50000 पचास हजार आती है , जिन किसानों ने लंबे मुनाफे की आस लगाकर केला लगाया था , उनके सपने चकनाचूर हो रहे हैं , किसी ने पत्नी के जेवर गिरवी रखकर जबकि किसी ने खेत को अदायगी पर रखकर केला लगाया था ऐसे किसानो की बर्बादी चिंताजनक है । इस बर्बादी को रोकने के लिए केला उत्पादकों ने एसडीएम निघासन को ज्ञापन भी दिया लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला । किसानों ने बताया कि प्रशासन अगर धर्म कांटा चेक कर ले कि किन केला खरीदारों के पास लाइसेंस है और किसके पास लाइसेंस नहीं है तो किसानों का शोषण बंद हो सकता है । खून पसीने से सींची गई गाढ़ी कमाई दलालों की भेंट चढ़ रही है इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है पीड़ित किसानों ने योगी सरकार से दलालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है ।

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