डॉ. यतीन्द्र कटारिया की पुस्तक का केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया विमोचन
राष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदी प्रेम तथा उत्तर प्रदेश के उत्तम प्रदेश की थीम पर डॉ यतीन्द्र कटारिया ने दी शानदार प्रस्तुति

डॉ. यतीन्द्र कटारिया की पुस्तक का केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया विमोचन
राष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदी प्रेम तथा उत्तर प्रदेश के उत्तम प्रदेश की थीम पर डॉ यतीन्द्र कटारिया ने दी शानदार प्रस्तुति
हिंदी सेवा एवं संस्कृति संवर्धन में योगदान के लिए डॉ. कटारिया का सम्मान
अमरोहा/नई दिल्ली। जनपद अमरोहा के मंडी धनौरा निवासी तथा राज्य अध्यापक पुरस्कार से अलंकृत सुप्रसिद्ध लेखक, चिंतक एवं हिंदी सेवी डॉ. यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार द्वारा लिखित पुस्तक “विचार वीथिका” के नवीन संस्करण का भव्य विमोचन नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक एवं हेरिटेज होटल इम्पीरियल में आयोजित समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, लोकसभा सांसद दीपक प्रकाश तथा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. नीरज मित्तल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यह कार्यक्रम “राजभाषा से राष्ट्र निर्माण की ओर” विषय पर आयोजित राजभाषा हिंदी सलाहकार समिति की बैठक के अवसर पर संपन्न हुआ, जिसमें हिंदी के प्रचार-प्रसार, राजभाषा के प्रभावी अनुपालन तथा राष्ट्र निर्माण में हिंदी की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार हिंदी साहित्य एवं भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उनकी पूर्व प्रकाशित कृतियों में “हस्तिनापुर : कल, आज और कल”, “काल साक्षी ईस्सोपुर टील” तथा “रग-रग में राम” विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इनमें से “रग-रग में राम” पुस्तक चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर श्रीराम मंदिर, अयोध्या में समर्पित की गई थी तथा बाद में महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा मुंबई में उसका विमोचन किया गया था।
अपने संबोधन में डॉ. यतीन्द्र कटारिया ने उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की बाजार पर प्रकाश डालते हुए योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व में कृतित्व की जमकर प्रशंसा की तथा कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रभाषा हिंदी वह स्थानीय बलियो के प्रति उत्थान के लिए कृत संकल्प हैं तथा उत्तम प्रदेश के निर्माण के साक्षात प्रतिमान है उन्होंने कहा कि कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की वाहक है तथा उत्तर प्रदेश की तरह अन्य राज्य भी हिंदी के संवर्धन में योगदान दें कहा कि हिंदी विश्व को भारत से जोड़ने का सशक्त माध्यम है तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की पहचान भी है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का कार्य करता है और हिंदी के माध्यम से राष्ट्र चेतना को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राजभाषा हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी देश की व्यापक जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम है। उन्होंने हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में डॉ. यतीन्द्र कटारिया द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डॉ. कटारिया को हिंदी सेवा, साहित्य सृजन एवं संस्कृति संवर्धन के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
समारोह में विश्व हिंदी परिषद के महासचिव विपिन कुमार, संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष भर्तृहरि महताब, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. नीरज मित्तल, यतीन्द्रनाथ द्विवेदी, डॉ. अमिताभ खरे, वेदवीर आर्य, राजेश कुमार श्रीवास्तव, उमाशंकर मिश्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने हिंदी को प्रशासन, शिक्षा, तकनीक और जनसंचार के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया तथा हिंदी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।



